बहुत दिनों बाद
भीगी थी ये आँखे
तेरे आने की खुशी में
तुझे देख कर
तू मेरी नन्ही परी
मेरा दिल गाता था
जब तू किलकती
मुस्कुराती
मेरी आँखे भर जाती थी
जब अपने नन्हे हान्थो से
मेरी मूँछे नाक छूती
गाल सहलाती
जब घुटनो के बल
चलती,
मेरे पास आती
मेरी गोद में खेलती
सोती समाती
मुझे बातें करती
तुतलाती
तू लता सी
बढ़ती
फ्राक से
सलवार कमीज़ तक
पल में पहुचती
बदलते रिश्ते
तू बनती माँ मेरी
ना जाने कैसे
मेरे ज़ज्बात समझ जाती
ना जाने कैसे
मेरी हर बात समझ जाती
मेरे हर पल का
हिसाब रखती
शायद अपनी एक आँख
मेरे पास रखती
हर गम दर्द मिट जाता
जब मेरे माथे पर हाथ धरती
मुझे थपकीयाँ देती
सांत्वना देती
राह सुझाती
जीना सिखाती
गाड़ी धीरे चलाने को कहती
वक़्त पर घर आने को कहती
माँ तेरे जाने के बाद
सब कहते थे
इस जनम में
वापस लौट के ना आएगी तू
पर देख आख़िर तुझे मैने
पा लिया इसी जिंदगी मे दुबारा
मेरी बिटिया
मेरी माँ
भीगी थी ये आँखे
तेरे आने की खुशी में
तुझे देख कर
तू मेरी नन्ही परी
मेरा दिल गाता था
जब तू किलकती
मुस्कुराती
मेरी आँखे भर जाती थी
जब अपने नन्हे हान्थो से
मेरी मूँछे नाक छूती
गाल सहलाती
जब घुटनो के बल
चलती,
मेरे पास आती
मेरी गोद में खेलती
सोती समाती
मुझे बातें करती
तुतलाती
तू लता सी
बढ़ती
फ्राक से
सलवार कमीज़ तक
पल में पहुचती
बदलते रिश्ते
तू बनती माँ मेरी
ना जाने कैसे
मेरे ज़ज्बात समझ जाती
ना जाने कैसे
मेरी हर बात समझ जाती
मेरे हर पल का
हिसाब रखती
शायद अपनी एक आँख
मेरे पास रखती
हर गम दर्द मिट जाता
जब मेरे माथे पर हाथ धरती
मुझे थपकीयाँ देती
सांत्वना देती
राह सुझाती
जीना सिखाती
गाड़ी धीरे चलाने को कहती
वक़्त पर घर आने को कहती
माँ तेरे जाने के बाद
सब कहते थे
इस जनम में
वापस लौट के ना आएगी तू
पर देख आख़िर तुझे मैने
पा लिया इसी जिंदगी मे दुबारा
मेरी बिटिया
मेरी माँ