माँ मै नही चाहता बड़ा होना....
इतना बड़ा की तेरी गोद में ना आ पाउ.
तू मुझे मेरा लाला मेरा सोना...
कहे तो.... हँसे लोग...
अभी भी मै तेरे पीछे तेरा आँचल
पकड़ कर चलना चाहता हूँ...
तेरी लोरिया सुन सोना चाहता हूँ...
चाहता हूँ तेरा इंतजार करना...
जब तू बाजार जाए और मेरे लिए मिठाई लाए.
मै यदि सो जाउ भूखा तो
नींद से उठा मुझे खाना खिलाए....
याद आती तेरे स्पर्श की सोंधी महक..
मेरे तपते शरीर पर प्यार का मलहम..
मेरी चोट पर तेरी घबराहट और
आँखो मे आँसू..
और मेरी सफलता पर ..गर्वित चेहरा..
नही चाहता देखना तेरी आँखो मे आँसू..
मेरे ज़िद पर भी..
खिलौने ना दे पाने वाली बेबसी..
पैसो की कमी से तेरे
ना पूरे हो सके अरमान,....
अपनी सारी-गहने छोड़..
रिश्तेदारो को दिया समान....
भूला नही..
तेरे नून-तेल रोटी खिलाना..
मीठा माँगने पर..
रोटी मे शक्कर का मिलाना..
मेरे बैट के लिए महीनो की बचत.
पापा के साथ पैसो की झड़प..
तेरी आँखो की नमी
और मेरा बड़ा होता जाना..
तेरे करमो का ही है यह फल
मै अधम हूँ ..आज सफल..
जीवन मै जो भी पा रहा.
सब तेरे पुन्य-प्रताप है..
इस तन–मन पर तेरा
आधिपत्य है...
यह कथन मेरा..
शिव सा सत्य है...
करता है प्रण ये लाल तेरा.
« की जब तन में लहू बहेगा..
सांसो का ये क्रम चलेगा…
करता तेरा मान रहूँगा..
हरदम मे सम्मान रखूँगा.. »
i love u mom.....bhai tune bachpan yad dila diya....love u infinite mom.....u r world best mom....bahut accha likha hai bhaiyya tune...meri aankhen num ho gai .....love u bro ...love u infinite...
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