Thursday, August 18, 2011

जिंदा हूँ मैं


 मेरे जेब मे थे
बस १० रुपय
और तूने चुकाया था
१०० रुपय का वो उधार
जो तूने कभी लिया ही नही
मेरे जेब मे थे
बस १० रुपय
और तूने ज़िद करके
पानी पूरी खाया था
और दोनों
ही बार मैने तुझे
बड़ी वाली गाली दी थी

कई बार पिए हम
साथ में
तेरी कॉलेज वाली
के बर्थ डे पर
तेरी पहली वाली की शादी पर
तेरे कॅंपस प्लेसमेंट पर
साला रात भर पीते
दिन भर औंकते
उनसे बढ़ कर आज भी
कोई पल नही
आज भी कोई पार्टी नही
सच मे भाई......

जिंदगी के बहुत सारे
पल अमर कर दिए
विल्स गोल्डफ्लेक
के धुओं मे...
तेरे साथ...
गुमटीयों मे

मेरी उससे भी ज़्यादा
तू ही याद आता है मुझे

साला जब पी के बोलता है तू
आई लव यू ब्रो
जब टल्ली मे बोलता है
आई मिस यू ब्रो
लगता है की
जिंदा हूँ मैं

2 comments:

  1. Waah Janaab Waah.... ab samajh aaya Jinda hone ka sahi matlab..... Niceeeeeeeeeeeee....

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  2. Kya bat hai bhai...mere jeb mai na aaj 10 rs hai or na kal they har per mere dil mai ek...ek anmol priceless unique nd dil ka saaf mera Bhai Mr. Pathak hai...Tum Jab likhte ho to dil machal sa jata hai, teri bhavnao ko sun kar yeh dil khil sa jata hai..Gud one Bro.. may God Bless you..or aise hi likhte raho..Very true nd very nice aaj pee ke yahi gungunaunga or tere ko call launga heheeh :)

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