Wednesday, January 30, 2013

मैं राम हूँ...

मैं राम हूँ
रघुकुल लाल
दसरथ नंदन
सीतापति राम

मैं हैरान हूँ
कुछ अल्प ज्ञानी
अर्धविक्सित
कलयुगी
स्वघोषित
बुद्धिजीवियों के
बयान से

प्रचार पाने की
लोलुप्ता
या फिर
ओछी मानसिकता
जिन्होने रावण
 के चरित्र को
आदर्श भाई के
दर्जा देकर
कैसी कटुउक्ति है की
रावण ने
बहन के अपमान पर
राजवंश लूटा दिया
और स्त्री के हरण के
बाद भी स्पर्श नही किया
वह रावण महान था

तो सुनो
वह कोई वीर भाई नही था
वह तो नपुंसक कायर था
जिसने अपनी
काम्दग्धा
कलंकनी भगिनी सुर्पणखा
के नाक काटने पर भी
प्राणघातक हमले का
दुस्साहस ना जुटा सका
इस राम पर
और
छल से
हर लिया
मेरी प्राणप्रिया
चोरो की भाँति

जानता था रघुकुल
भुजबल
पराक्रम
खर दुसन सहित
1400 राक्षाषो का
पल में
वध करने वाले
राम और सौमित्र
के पराक्रम का आभाष
था राक्षशराज को
तभी तो छिपा कर ले गया
सीते को
पर स्पर्श का साहस ना कर सका था
यह सोँचकर भी
की राम के महाकूपित
होने का परिणाम क्या होगा
समूची लंका
और संपूर्ण राक्षस
जाति का रक्तिम विनाश

जारी.......


2 comments:

  1. outstanding , marvelous, great poetry skilled by writer , exact example of free style poetry .....

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