अगर मैं कहूँ की प्यार है तुमसे
तो मानोगी नही
है ना....
पर जो सच है सो सच है
है ना....
कहो ना..
तुम आई कुछ बहार सी
सावन की पहली फुहार सी
प्यारी गुड़िया सी..
मेरी प्रिया सी...
शरमाती इठलाती....
मुस्कुराती...
मेरी सपनो की राजकुमारी सी
जीवन की बगिया मे
खिलती तुम
कुमुदनी के फूल सी
सांसो मे घुलती
धरती पर पड़ते
वर्षा के बूँदो से
उठती सौंधी सी
सुगंध सी
अगर मैं फिर कहूँ की
प्यार है तुमसे
तो मानोगी
है ना....
क्योंकि जो सच है सो सच है
है ना....
कहो ना..
तो मानोगी नही
है ना....
पर जो सच है सो सच है
है ना....
कहो ना..
तुम आई कुछ बहार सी
सावन की पहली फुहार सी
प्यारी गुड़िया सी..
मेरी प्रिया सी...
शरमाती इठलाती....
मुस्कुराती...
मेरी सपनो की राजकुमारी सी
जीवन की बगिया मे
खिलती तुम
कुमुदनी के फूल सी
सांसो मे घुलती
धरती पर पड़ते
वर्षा के बूँदो से
उठती सौंधी सी
सुगंध सी
अगर मैं फिर कहूँ की
प्यार है तुमसे
तो मानोगी
है ना....
क्योंकि जो सच है सो सच है
है ना....
कहो ना..
Agar Mai kahun ki bahut badiya aur laajawaab likha hai..
ReplyDeleteTo manoge nai, hai na!!
Lekin jo sach hai vo sach hai..
hai na???
lines from heart..lovely lines by a wonderful man..
ReplyDelete